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31-03-2017
Meeting on rajbhasha in North Central Railway, Headquarter.

उत्‍तर मध्‍य रेलवे

महाप्रबंधक कार्यालय,

इलाहाबाद

सं: 11/पीआर/एन सी आर/17/03/                                                    दिनांक : 30.03.2017

प्रेस विज्ञप्ति

उत्‍तर मध्‍य रेलवे मुख्‍यालय में मुख्‍य राजभाषा अधिकारी तथा वित्‍त सलाहकार एवं मुख्‍य लेखा अधिकारी श्री जय प्रकाश पाण्‍डेय की अध्‍यक्षता में क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्‍वयन समिति की बैठक संपन्‍न हुई। बैठक में उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए श्री पाण्‍डेय ने कहा कि हिंदी देश की संपर्कभाषा और जनभाषा रही है तथा इस रूप में इसने राष्‍ट्रीय मूल्‍यों और देश की भावनात्‍मक एकता को मजबूत करने में अहम योगदान दिया है। वर्तमान में हिंदी नई स्‍फूर्ति और नई चेतना के प्रसार के माध्‍यम की भूमिका निभा रही है। अब जबकि सोच, दृष्टिकोण, विचार और कार्यप्रणाली में गुणात्‍मक बदलाव का महत्‍व तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे परिदृश्‍य में हमें राजभाषा हिंदी के प्रयोग-प्रसार के प्रति अधिकाधिक रचनात्‍मक नजरिए से कार्य करना होगा ताकि हम राजभाषा की प्रतिष्‍ठा में वृद्धि सुनिश्चित कर सकें। उन्‍होंने कहा कि सरकार की नीति के अुनसार सोशल साइट्स और एप्‍स पर किए जाने वाले कार्यों, जो विशेषत: जनता और ग्राहकों की सुविधाओं पर केंद्रित होते हैं, उन पर सभी कार्य हिंदी में किया जाना अपेक्षित है। उन्‍होंने 'एनसीआर कर्मी' जैसे एप में हिंदी की सुविधा केप्रावधान की सराहना करते हुए कहा कि उन्‍नत तकनीक में राजभाषा का इस्‍तेमाल बढ़ाकर इसकी तीव्र प्रगति सुनिश्चित हो सकती है। श्री पाण्‍डेय ने कहा कि स्‍टेशनों पर यात्रियों और ग्राहकों से संबंधित सेवाओं यथा आरक्षण चार्ट, समय सारणी, किराया सूची सहित सभी इलेक्‍ट्रानिक बोर्डों आदि में हिंदी-अंग्रेजी द्विभाषी रूप का प्रयोग सुनिश्‍चित किया जाए ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में मुख्‍य राजभाषा अधिकारी द्वारा उत्‍तर मध्‍य रेलवे मुख्‍यालय से प्रकाशित त्रैमासिक पत्रिका ''रेल संगम'' के रेल स्प्रिंग कारखाना विशेषांक का विमोचन किया गया।

बैठक में उपस्थित रेलवे हिंदी सलाहकार समिति के प्रेक्षक सदस्‍य, डॉ. सतीश कुमार राय ने हिंदी की ऐतिहासिक एवं सांस्‍कृतिक भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी अपने आपमें महज एक भाषा ही नहीं बल्कि एक संस्‍कृति है। हिंदी के विकास में प्रयाग की इस भूमि से जहाँ कामिल बुल्‍के जैसे विदेशी विद्वान ने हिंदी की रचनात्‍मक समृद्धि के लिए अपने को स‍मर्पित कर दिया वहीं महात्‍मा गाँधी जैसे हिंदीतर भाषी महापुरुष ने पूरे देश में इसके प्रचार प्रसार लिए अद्वितीय योगदान दिया। डॉ. राय ने हिंदी के विकास और उसको लोकप्रिय जनभाषा बनाने में भारतीय रेल की भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि रेल परिसर और रेल के डिब्‍बों में विभिन्‍न प्रांतों के यात्रियों के वार्तालाप से यह भाषा वास्तविक संपर्क भाषा बनी। डॉ. राय ने उत्‍तर मध्‍य रेलवे में राजभाषा की प्रगति के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की।

बैठक के प्रारंभ में उप मुख्‍य राजभाषा अधिकारी श्री अमृतांशु मौर्य ने सभी सदस्‍यों का स्‍वागत किया तथा उत्‍तर मध्‍य रेलवे में हुई राजभाषा प्रगति से समिति को अवगत कराया। श्री मौर्य ने बताया कि उत्‍तर मध्‍य रेलवे में नियमित रूप से हिंदी कार्यशालाओं एवं कंप्‍यूटर पर हिंदी कुंजीयन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। उच्‍च अधिकारियों द्वारा अपने निरीक्षणों के दौरान संबंधित कार्यालयों में राजभाषा प्रगति का भी निरीक्षण किया जा रहा है।

बैठक में उपस्थित सभी विभाग प्रमुखों, मंडलों के अधिकारियों, कारखानों के मुख्‍य कारखाना प्रबंधकों ने अपने-अपने विभागों एवं मंडलों में राजभाषा हिंदी की प्रगति के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में महाप्रबंधक को अवगत कराया। बैठक का संचालन वरिष्‍ठ राजभाषा अधिकारी श्री चन्‍द्र भूषण पाण्‍डेय द्वारा किया गया तथा वरिष्‍ठ राजभाषा अधिकारी/निर्माण श्री कृपाशंकर मिश्र ने धन्‍यवाद ज्ञापित किया।





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