Indian Railway main logo
Search :
Increase Font size Normal Font Decrease Font size
   View Content in Hindi
National Emblem of India

About Us

IR Personnel

News & Recruitment

Tenders & Notices

Vendor Information

Public Services

Contact Us

 
Bookmark Mail this page Print this page
QUICK LINKS
06-04-2017
Under the leadership of Honorable Railway Minister Shri Suresh Prabhu Best loading till now of indian Railway.

उत्‍तर मध्‍य रेलवे

प्रधान कार्यालय

जनसम्‍पर्क विभाग

इलाहाबाद।

संख्‍या:11पीआर/04 /2017प्रेस विज्ञप्ति दिनांक- 05.04.2017

माननीय रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभु के नेतृत्व मे भारतीय रेल का

अब तक का सर्वश्रेष्‍ठ लदान

·भारतीयअर्थव्‍यवस्‍थाकोगतिप्रदानकररहामालभाड़ापरिवहन

·समग्र लदान 1107.1 मिलियन टन दर्ज

·डेडीकेटेड फ्रेट कारीडोर, बनेगा भारतीय अर्थव्‍यवस्‍थाका ग्रोथ सेन्‍टर

·अब तक का सर्वश्रेष्‍ठ कोयला, लौह अयस्‍क एवं स्‍टील का लदान

भारतीयरेलराष्ट्रकाप्राथमिकपरिवहनकासाधनहै।इसकेनेटवर्कपरयात्रीपरिवहनकेसाथ-साथमालभाड़ापरिवहनकाभीकार्यप्रभावीतरीकेसेकियाजारहाहै।भारतीयरेलकामालभाड़ापरिवहनसिर्फइससंगठनकेलिएआयकासबसेबड़ास्रोतहैबल्किइसकेमाध्यमसेमालयातायातद्वारासम्पूर्णराष्ट्रकोएकएकीकृतइकाईकेरूपमेंसंगठितकरनेकाकार्यकररहीहै।परम्परागतरूपसेमध्यएवंदक्षिणभारतकीखदानोंसेकोयला, लोहाआदिखनिजएवंउत्तरभारतसेखाद्यान्नकापरिवहनकियाजारहाहै।किन्तुकारणमाँगऔरआपूर्तिमेंभारीअन्तरहैऔरग्राहकोंकोभीकईबारसमयसेवैगनउपलब्धकरानेमेंकठिनाईहोतीहै।आधारतभूतसंरचनाकीकमीसेभारतीयरेलजहांएकतरफअपनेग्राहकोंकोसमयसेढुलाईकेलिएवैगनउपलब्धनहींकरापारहीथीवहीदूसरीतरफरेलकोसड़कएवंअन्यमाध्यमोंसेसमानान्तरचुनौतियांभीमिलरहीहै।

इसके दृष्टिगत पिछले 02 वर्षों से भारतीय रेल अपने आधारभूत ढाँचे को सुदृढ़ करने के लिए पूरी क्षमता से प्रयासरत है। इकहरी लाइनों का आवश्‍यकता के अनुसार एवं व्‍यस्‍तता के दृष्टिगत दोहरीकरण/तिहरीकरण तथा चौथी लाइन में विस्तार किया जा रहा है साथ ही कई नई लाइनों के निर्माण से नये स्‍थानों को भी रेल नेटवर्क में लाया जा रहा है। माल यातायात को सुचारू बनाने के लिए एवं वर्तमान लाइनों को डीकंजेस्‍ट करने के उद्देश्‍य से भारतीय रेल डेडीकेटेड फ्रेट कारीडोर के कार्यों को तीव्र गति से करने की दिशा में वर्ष 2015-16 में रू0 24 हजार करोड़ के ठेके आवंटित किये गये, जबकि वर्ष 2009-2014 के बीच प्रतिवर्ष औसतन लगभग केवल रू0 26 सौ करोड़ के ठेके आवंटित किये जाते थे। दोनों डेडीकेटेड फ्रेट कारीडोर, पूर्वी एवं पश्चिमी, कोवर्ष 2019 तक निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बन जाने से आशा है कि यह भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था को सुदृढ़ बनाने और उसके ग्रोथ सेन्‍टर के रूप में उभरेगा। इसके माध्‍यम से बन्दरगाहों से शेष भारत का सीधा जुड़ाव हो सकेगा, जिससे आयातित एवं निर्यातित माल की ढुलाई में सुगमता होगी।

इसी क्रम में मिशन रफ्तार के तहत गाड़ियों की औसत गति को बढ़ाते हुये इससे अतिरिक्त क्षमता बनाकर निपटने जाने का प्रयास किया जा रहा है। भारतीय रेल ने मालगाड़ियों की औसत गति 50 किमी प्रति घंटा करने का लक्ष्य रखा है, जिससे और अधिक गाड़ियों को चलाना सम्भव हो। मालभाड़े की ढुलाई में भारतीय रेल का हिस्सा बढ़ाने की दिशा में पिछले 02 वर्षों में अभूतपूर्व कार्य किये गये । पहली बार मालभाड़े में घटोत्तरी की गई। पोर्ट कन्सेशन चार्जेज एवं व्यस्त सीजन सरचार्ज घटाये गये । लोहे के लिये दोहरी प्राइसिंग पालिसी समाप्त की गई। मल्टी प्वाइंट लोडिंग प्रारम्भ की गई व साइडिंग नीति का सरलीकरण किया गया। परम्परागत गति से खाली गाड़ी चलाने की दिषा में आटोमेटिक मालभाड़े में छूट की स्कीम चालू की गई। पहली बार समय-सारणी के अनुसार मालभाड़ा सेवा प्रारम्भ की गई। कन्टेनर सेक्टर को और अधिक वस्तुओं हेतु खोला गया । वर्ष 2016-17 के दौरान विभिन्न मालगोदामो की आधारभूत संरचना मे सुधार किया गया है| माननीय रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु बजट 2016 मे घोषित “मिशन 100” के तहत नई साइडिंगों का निर्माण किया गया। मालभाड़ा यातायात मे सुधार के लिये संबंधित प्रमुख मालभाड़ा ग्राहकों से निरंतर संपर्क बनाये रखते हुये उनके सुझावों पर निरन्‍तर कार्यवाई की जा रही है | साथ ही मांग के अनुरुप मालगाड़ियो के रेक की उपलब्धता भी बनाई रखी गई और समय बद्धता के साथ माल की अनलोडिंग और लोडिंग अधिकारियों एवं पर्यवेक्षको द्वारा निरंतर मॉनिटरिग सुनिश्चित की जा रही है|मार्च,2017 में अब तक सबसे अधिक कन्टेनर लोडिंग 4.47 मिलियन टन प्राप्त की गई। इससे पूर्व जनवरी,2015 में 4.29 मिलियन टन के कन्टेनर लोडिंग की गई थी । मालभाड़ा टर्मिनलों को कन्टेनर हेतु खोला गया। ग्राहकों की सुविधा हेतु रोड रेलर व रोल-आन-रोल-आफ पर भी बल दिया गया। माल ढुलाई हेतु माँगों का इलेक्ट्रानिक पंजीकरण व रेलवे रसीदों का इलेक्ट्रानिक प्रेषण प्रारम्भ किया गया।

मालभाड़ा यातायात के क्षेत्र में किये प्रयत्नों के कारण वर्ष 2016-17 में अब तक सर्वश्रेष्ठ समग्र लदान 1107.1 मिलियन टन दर्ज किया गया इसके पूर्व 2015-16 में 1104.2 मिलियन टन माल लदान दर्ज किया गया था। वर्ष के दौरान 137.2 मिलियन टन आयरन ओरकी लदान कर अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। स्टील की लदान भी कुल 48.3 मिलियन टन रही जो अब तक का सर्वश्रेष्ठ है। इसी प्रकार इस्पात संयंत्रों हेतु कच्चा माल 21.1 मिलियन टन व अन्य मालभाड़ा 79.9 मिलियन टन अब तक की सर्वश्रेष्ठ रही । कोल इण्डिया लिमिटेड द्वारा वर्ष 2016-17 में सर्वाधिक कोयले की लदान 223 रेक प्रतिदिन रही। वर्ष 2015-16 में 212.8 रेक प्रतिदिन लोड किये गये थे । अन्य मालभाड़ा लोडिंग के क्षेत्र में भी वर्ष 2016-17 में अब तक की सबसे अधिक 79.9 मिलियन टन की लदान हुई जो पूर्व के सर्वश्रेष्ठ वर्ष 2015-16 में लोड किये गये 78.05 मिलियन टन से अधिक है।

परम्परागत मालभाड़े के साथ-साथ नये ट्रैफिक के लिए भी रेलवे प्रयासरत है जिसके तहत ह्वाइट गुड्स, एफ.एम.सी.जी., आटो इत्यादि के क्षेत्र में प्रयास किये जा रहे है। साथ ही ग्राहकों के साथ रेलवे लम्बी अवधि के अनुबन्ध करने पर विशेष बल दे रही है। वर्ष 2016-17 में 44 प्राइवेट टर्मिनल जिसमें 29 प्राइवेट साइडिंग व 15 प्राइवेट फ्रेट टर्मिनल सम्मिलित बनाये गये । रेलवे ने अगले 5 वर्षों हेतु प्रति वर्ष न्यूनतम 50 साइडिंग/फ्रेट टर्मिनल स्थापित करने का लक्ष्य रखा है।





  Admin Login | Site Map | Contact Us | RTI | Disclaimer | Terms & Conditions | Privacy Policy Valid CSS! Valid XHTML 1.0 Strict

© 2016  All Rights Reserved.

This is the Portal of Indian Railways, developed with an objective to enable a single window access to information and services being provided by the various Indian Railways entities. The content in this Portal is the result of a collaborative effort of various Indian Railways Entities and Departments Maintained by CRIS, Ministry of Railways, Government of India.