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18-04-2017
The achievements of North Central Railway in the year 2016-17:

वर्ष 2016-17 में उत्‍तर मध्‍य रेलवे की उपलब्धियॉ:

उत्‍तर मध्‍य रेलवे का परिचालन अनुपात (Operating Ratio) लगभग 70.29% रहेगा जो कि रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित लक्ष्‍य 72.05% से बेहतर प्रदर्शन है। विशेष तौर पर 7 वें वेतन आयोग के लागू होने एवं बढ़े हुए बोनस आदि व्‍यय को समाहित करने के बाद यह एक उल्‍लेखनीय उपलब्धि है। ऑपरेटिंग रेशिओ संगठन द्वारा प्रति 100/- कमाने के लिए व्‍यय की गयी धनराशि को कहते हैं। यह किसी भी संगठन कीप्रोडेक्‍टीविटी का परिचायक होता है।

उत्‍तर मध्‍य रेलवे की कुल आरम्भिक आय वित्‍तीय वर्ष 2016-17 में रू. 3438.70 करोड़ रही है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में प्राप्‍त की गई कुल आय से 3.8 प्रतिशत अधिक है।

·आरम्भिक यात्री यातायात 1709.81 लाख रहे एवं आरम्भिक यात्री आय रू. 1990.77 करोड़ प्राप्‍त की गई जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में यात्री आय 4.3 प्रतिशत अधिक है।

·आरम्भिक माल भाड़ा आय रू. 1231.40 करोड़ रही जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में प्राप्‍त की गई कुल आय से 3.4 प्रतिशत अधिक है।

·विविध स्रोतों से आय- जिसमें वाणिज्‍य प्रचार, साईकिल/स्‍कूटर स्‍टैण्‍ड, एसटीडी/पीसीओ, खानपान ठेकों इत्‍यादि की लाइसेंस फीस से 21.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ कुल रू. 51.44 करोड़ आय प्राप्‍त की गई।

·कुल स्‍क्रैप सेल से उत्‍तर मध्‍य रेलवे में रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित रू. 150 करोड़ के लक्ष्‍य को पार करते हुए कुल 156.94 करोड़ की आय अर्जित की।

·टिकट जॉच अभियानों से कुल 17.82 लाख यात्री बिना टिकट/अनियमित यात्रा करते हुए पाए गए। जिसे पेनाल्‍टी के रूप में रू. 85.68 करोड़ की आय प्राप्‍त हुई जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में प्राप्‍त की गई कुल आय से 8.3 प्रतिशत अधिक है। वर्तमान वित्‍तीय वर्ष (2016-17) में टिकट केस में भी 10.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

यात्री सुविधायें एवं प्रयास:

·उत्‍तर मध्‍य रेलवे के दोनों ट्रंक रेलमार्ग मुगलसराय-गाजियाबाद एवं बीना-पलवल भारतीय रेल के अति महत्‍वपूर्ण एवं अतिव्‍यस्‍त रेल खण्‍ड हैं।

·इन रेल मार्गों पर रेलगाडि़यों का परिचालन एक बड़ी चुनौती है। गाडि़यों की समय पालनता एवं संरक्षा के लिए उत्‍तर मध्‍य रेलवे के 66 हजार रेल कर्मी सतत प्रयासरत हैं।

·रेल प्रशासन के निरन्‍तर प्रयासों से उत्‍तर मध्‍य रेलवे मे समय पालनता में पिछले वर्ष 2015-16 की तुलना में वर्तमान वर्ष लगभग 11.22 प्रतिशत का सुधार हुआ है। मार्च 2017 में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलनामें 15.24 प्रतिशत का सुधार दर्ज किया है।

11.22% improvement in punctuality over NCR against last year where as for march 2017 it is 15.24% higher from the same period last year.

·यह सुधार प्रशंसनीय है पिछले वर्ष चलायी गयी 1720 फेरे विशेष गाडि़यो के स्‍थान पर दुगनी से अधिक 3540 फेरे विशेष गाडि़यॉं चलायीं हैं।

·वर्ष 2016-17 में 13 नई मेल एक्‍सप्रेस गाडि़यॉं प्रारम्‍भ की गयीं। इसमें देश के तीव्रतम गति 160 कि.मी. प्रतिघंटा सहित कानपुर-प्रयाग, इलाहाबाद-बस्‍ती एक्‍सप्रेस सहित विभिन्‍न गाडि़यॉं शामिल हैं।

·यात्रियों की सुविधा हेतु विभिन्‍न गाडि़यों में, विभिन्‍न श्रेणियों के अतिरिक्‍त आरक्षित डिब्‍बे कुल 451 अतिरिक्‍त लगाए गए।

·ग्रीष्‍मकालीन अवकाश दशहरा, दीपावली, छठ पूजा एवं होली जैसे त्‍योहारों के अवसर पर यात्रियों की अतिरिक्‍त भीड़ को देखते हुए समय-समय पर इलाहाबाद से जम्‍मूतवी, इलाहाबाद से लोकमान्‍य तिलक टर्मि. (मुम्‍बई), इलाहाबाद से आनन्‍द विहार टर्मि., आगरा से एटा आदि विशेष गाडि़यॉं चलायी गयी।

टिकट वितरण प्रणाली में सुधार:

·अनारक्षित टिकट की सहज उपलब्‍धता हेतु वर्ष 2016-17 में 15 जन साधारण टिकट बुकिंग सेवक की नियुक्ति की गई है। वर्तमान में 128 जन साधारण टिकट बुकिंग सेवकों की नियुक्ति की जा चुकी है।

·उत्‍तर मध्य रेलवे में अभी तक कुल स्वीकृत 301 स्टेशनों पर अनारक्षित टिकट प्रणाली (UTS)काउन्टर लगाए जा चुके हैं।

·वर्तमान में वर्ष 2016-17 में इलाहाबाद मंडल के 04 स्‍टेशनों सहित उत्‍तर मध्य रेलवे के 08 स्टेशनों पर सुविधा देते हुए 73 स्टेशनों पर अनारक्षित एवं आरक्षित टिकट प्रणाली (UTS cum PRS)उपलब्‍ध है।

·उत्‍तर मध्य रेलवे के 60 स्टेशनों पर कम्प्युटीकृत यात्री आरक्षण केन्द्र ( PRS)उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त झांसी मंडल में 09 इंडिया पोस्ट पीआरएस की स्वीकृति दी गयी है।

·वर्तमान में उ0म0रे0 के 58 श्रेणी के स्टेशनों पर स्टेशन टिकट बुकिंग एजेन्ट (STBA)कार्यरत हैं । अन्य ई श्रेणी के स्टेशनों पर एस.टी.बी.ए. लगाये जाने हेतु एन.आई.टी. प्रक्रियाधीन है।

·रेलवे बोर्ड ने उ0म0रे0 में 222ऑटोमेटिक टिकट वेण्डिंग मशीन (ATVM)लगाये जाने हेतु स्वीकृति प्रदान की है, जिसमें 147 कार्ड बेज्ड ए.टी.वी.एम. की आपूर्ति शीघ्र ही अपेक्षित है। स्मार्ट कार्ड बन चुके हैं तथा टिकटों की आपूर्ति भी शीघ्र अपेक्षित है।

·वर्तमान में उ0म0रे0 के महोबा क्षेत्र में आरक्षित एवं अनारक्षित टिकटों की बिक्री हेतु यात्री टिकट सुविधा केन्द्र(YTSK)लगाये जाने हेतु चयन कर आवंटन किया जा चुका है, जो शीघ्र ही कार्य प्रारम्भ कर देगा।

अन्‍य यात्री सुविधाऍं:

·वर्तमान में आगरा कैण्ट स्टेशन पर एक्जीक्यूटिव लाउॅज (Executive Lounge)उपलब्ध हैंजिसके नवीनीकरण का कार्य चल रहा है। इलाहाबाद तथा कानपुर के भूमि का रेट मानचित्र आई.आर.सी.टी.सी. को सौंप दिया गया है। ए-1 तथा ए श्रेणी के अन्‍य स्टेशनों झांसी, अलीगढ़, इटावा, फतेहपुर, मिर्जापुर, टुण्डला, फफूंद, बांदा, ललितपुर, चित्रकूटधामकर्वी, मुरैना, महोबा एवं उरई के स्थान को चिन्हित करने का कार्य प्रक्रियाधीन है ।

·उत्‍तर मध्‍य रेलवे जोन के विभिन्‍न 11 स्‍टेशनों पर आगामी कुछ समय में कुल 30 लिफ्ट लगाई जा रही है। अभी तक 8 लिफ्ट प्राप्‍त हो चुकी है तथा शेष शीघ्र प्राप्‍त हो जायेगी। एक लिफ्ट कानपुर जंक्‍शन स्‍टेशन पर लगायी जा चुकी है।

·उत्तर मध्य रेलवे में अभी तक कुल स्वीकृत 34 स्वचालित सीढ़ी (Escalator) में 07 इलाहाबाद मंडल में, 02 झांसी मंडल मेंतथा 05 आगरा मंडल में लगाई जा चुकी है तथा शेष 20 स्वचालित सीढ़ी मंडलों के विभिन्न स्टेशनों पर लगाने के कार्य की प्रक्रिया चल रही है।

·अप्रैल से मार्च-17 के दौरान इलाहाबाद मण्‍डल में 20 मशीन सहित उमरे में 56 वाटर वेण्डिंग मशीन (WVM)लगायी जा चुकी हैं तथा 93 वाटर वेण्डिंग मशीन लगाये जाने की प्रक्रिया चल रही है।

·उत्‍तर मध्‍य रेलवे में प्रयागराज एक्‍सप्रेस को एलएचबी रेकलगाकर परिचालन प्रारम्‍भ कर दिया गया है।भविष्‍य में गाड़ी सं. 12451/52 श्रम शक्ति एक्‍स., 12275/76 इलाहाबाद-नई दिल्‍ली दूरन्‍तो एक्‍स., 14151/52, 22445/46 एवं 22443/44 कानपुर-आनन्‍द विहार, कानपुर-अमृतसर, कानपुर-बान्‍द्रा टर्मि. आदि गाडि़यों में भी एलएचबी रेक लगाने की योजना है।

·भरवारी, खुर्जा, बमरौली, कीथम, फराह एवम आगरा कैण्‍ट स्‍टेशनों पर 24 कोच ट्रेन के लिए प्‍लेटफार्मों का विस्‍तारीकरण किया गया।

·इस रेलवे के सभी प्रमुख 50 गुड्स लोडिंग टर्मिनल पर टर्मिनल मैनेजमेन्ट सिस्टम (TMS)स्थापित किया जा चुका है एवं रेलवे रसीद सहित सभी कार्य कम्प्युटर द्वारा किए जा रहे हैं।

·आगरा मंडल के जमुना ब्रिज माल गोदाम के इनवर्ड एवं आउटवर्ड माल गोदाम के बोझ को कम करने हेतु कुबेरपुर में नया मालगोदाम खोला गया। भरतकूप को माल यातायात के लिये दिनांक 08.02.17 को खोला गया है।

·आगरा छावनी एंव आगरा किला स्टेशनों पर बेबी फीडिंग रूम बनाया गया।

·आगरा छावनी, आगरा फोर्ट एवं ईदगाह स्टेशन पर आर.ओ. प्लांट लगाया गया।

·उत्‍तर मध्‍य रेलवे के इलाहाबाद, कानपुर, झांसी, आगरा, मथुरा स्‍टेशनों पर वाईफाई सुविधा(Wi-Fi) उपलब्‍ध करा दी गयी है।

·विंध्याचल स्टेशन पर शौचालय, मूत्रालय एंव अन्य यात्री सुविधाओं का सुधार।

·गोविन्दपुरी स्टेशन पर नए स्टेशन भवन के सामने परिक्षेत्र का विकास।

·टुण्डला स्टेशन पर आदर्श स्टेशन की सुविधाएं प्रदान किया गया।

·हाथरस स्टेशन के प्लेटफार्म सं. 2 और 3 पर यात्री शेड, प्लेटफार्म का उच्चीकरण एंव बुकिंग काउण्टर का निर्माण कराया गए।

·छिवकी पर पादचारी पुल में रैम्‍प एवं सीढ़ी का निर्माण एवं मथुरा स्‍टेशन पर PF/ 8&9 के लिए पादचारी पुल में रैम्‍प के साथ वृद्धि की गई। चमरोला, पोरा एवं किरोली स्‍टेशनों पर नये पादचारी पुल का निर्माण किया गया है।

·भरवारी, कीथम, फराह एवं बाद स्‍टेशनों पर प्‍लेटफार्मों को हाई लेवल किया गया।

·छिवकी, ग्‍वालियर एवं आगरा कैंट स्‍टेशनों पर प्‍लेटफार्म शेड का निर्माण/बढ़ौत्‍तरी की गई।

·71 स्‍टेशनों पर उनकी श्रेणी के अनुसार रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित न्‍यूनतम आवश्‍यक यात्री सुविधाओं में कमी को पूरा किया गया।

परिचालन में सुधार एवं नई कनेक्टिविटी

·वर्ष 2016-17 के दौरान 2 नये खण्‍ड-टीकमगढ़ खजुराहो 103 कि.मी. एवं इटावा-मैनपुरी 55.15 कि.मी. उत्‍तर मध्‍य रेलवे में जोड़े गये।

·छिवकी-शंकरगढ़ विद्युतीकरण का कार्य पूरा।

·केन्‍द्रीयकृत यातायात नियंत्रण प्रणाली(CTC) टूण्‍डला का ट्रायल प्रारम्‍भ।

·गाजियाबाद-कानपुर एवं मुगलसराय-इलाहाबाद मार्ग पर ऑटोमेटिक सिंगलिंग का कार्य पूरा।

·कानपुर-इलाहाबाद मार्ग पर ऑटोमेटिक सिंगलिंग का कार्य प्रगति पर।

·छिवकी-मानिकपुर खण्‍ड का इलाहाबाद मण्‍डल मे लाना एवं एक अतिरिक्‍त बोर्ड की स्‍थापना।

·इलाहाबाद स्‍टेशन आरआरआई में सूबेदारगंज, नैनी, इलाहाबाद सिटी की लाईन पोजीशन का प्रदर्शन।

·इलाहाबाद मण्‍डल में पिछले 10-25 वर्षों से लम्बित अलीगढ़, मलवा, ऊचडीह, मैनपुरी आदि यार्ड माडलिंग का कार्य पूरे।

·इलाहाबाद के निरंजन पुल पर 100 वर्ष से अधिक पुराने स्‍टील गार्डरों को लगभग 10 वर्षों से लम्बित कार्य को पूरा किया गया।

·इलाहाबाद मण्‍डल के 17 स्‍टेशनों पर लूप लाइनों में रनथ्रू की सुविधा प्रदान की गयी।

·नैनी में केला साईडिंग का अतिरिक्‍त लूप मे परिवर्तन।

·गाडि़यों के परिचालन में सुधार के लिए इस वर्ष सरसौल स्‍टेशन पर अप लूप लाइन का विस्‍तारीकरण कराया गया।

·दादरी में यार्ड रिमोडलिंग एवं इलक्‍ट्रानिक इण्‍टरलाकिंग का कार्य शीघ्र ही पूरा कर लिया जायेगा।

सफाई अभियान एवं पर्यावरण प्रयास

·भारत सरकार द्वारा स्वच्छ भारत अभियान के तहत महात्मा गांघी के जयन्ती दिनांक 2.10.14 से 150वीं जयन्तीदिनांक 2.10.19 तक स्वच्छ भारत का लक्ष्य रखा गया है ।

·इसी अभियान के तत्वाधान में भारतीय रेल में स्वच्छ रेल – स्‍वच्छ भारत अभियान चलाया जा रहा है ।

·उत्तर मध्य रेलवे में मुख्यालय एवं मंडल के विभिन्नस्तर परइस अभियान को चलाया जा रहा है ।

·इस अभियान के मुख्य उद्देश्य को पूरा करने हेतु रेलवे प्रशासन एवं यात्रियोंमेंजागरूकताके साथ विभिन्न स्तरों पर सहभागिता सुनिश्चित किया जा रहा है । इस अभियान के तहत सांसदों, विधायकों,गणमान्य व्यक्तियों ,सामाजिक संस्थानों, स्ूकल एव कालेज के विद्यार्थियों, स्काउट-गाइड एवं अन्य संस्थानों को भी उत्तर मध्य रेलवे द्वारा जोड़ा गया है ।

·उत्तर मध्य रेलवे ने इस अभियान में ओन योर स्टेशन स्कीमचलाई है जिसके अन्तर्गत रेलवे प्रशासन में उच्च अधिकारियों द्वारा उ.म.रे. के किसी एक स्टेशन को चुनकर सफाई व्यवस्था एवं अन्य यात्री सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ।

·उत्तर मध्य रेलवे में इलाहाबाद , कानपुर एवं झांसी स्टेशनों पर क्‍लीन ट्रेन स्‍टेशनसेवा कार्य कर रही है और इन के द्वारा क्रमशः 39 ,28 एवं 83 कुल 150 गाड़ियों की सफाई मार्ग में ही की जाती है ।

·उत्तर मध्य रेलवे में कुल 20 गाडि़यों को आनबोर्ड हाउसकीपिंग सेवा के तहत लाया गया है।

·उत्‍तर मध्‍य रेलवे में प्रयुक्‍त हो रहे सभी सवारी डिब्‍बो में आगामी अक्‍टूबर 2017 तक बॉयो टॉयलेट लगा दिये जायेंगे। इसके उपरान्‍त उत्‍तर मध्‍य रेलवे के कोई भी यात्री गाड़ी बिना बॉयो टॉयलेट के नहीं होगी। अब तक 499 यात्री डिब्‍बो में बॉयो-टॉयलेट फिट करते हुए कुल 1608 बॉयो टैंक लगा दिये गये हैं एवं जो भी नये डिब्‍बे अब कारखानो से आ रहे हैं वो सभी भी बॉयोटॉयलेटयुक्‍त है।

·संत निरंकारी समाज एवं अन्य सामाजिक संगठनो द्वारा ए-1 श्रेणी के रेलवे स्टेशनों पर समय-समय पर सफाई एवं जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है ।

·उ.म.रे. के महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रेल डिस्प्ले नेटवर्क लगाए जाने का कार्य प्रगति पर है| इसके माध्यम से यात्रियों मे साफ सफाई संबंधित जागरूकता प्रचार किया जा सकेगा ।

·समय समय पर थीम बेज्ड अभियान भी चलाया गया।

·महत्वपूर्ण स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे द्वारा सफाई व्यवस्था पर निरन्तर निगरानी रखी जा रही है । इस सुविधा को अन्य स्टेशनों पर लगाए जाने की कार्यवाही प्रगति पर है ।

·उत्तर मध्य रेलवे के 6 प्रमुख स्टेशनों -इलाहाबाद, कानपुर, ग्वालियर,झासी, आगरा एवं मथुरा के 17 प्लेटफार्मौं पर दिव्यांगजनों के लिए शौचालय निर्मित कर दिये गयेहैं ।

·इलाहाबाद, कानपुर, मिर्जापुर, फतेहपुर, फफूंद, इटावा, टुण्डला, अलीगढ़, विन्ध्याचल, छिवकी, आगरा कैन्ट, मथुरा, आगरा फोर्ट, झांसी एवं ग्वालियर रेलवे स्टेशनों पर पुराने तथा टूटे हुए डस्टबिन को बदलकर उनके स्थान पर नए स्टील के डस्टबिन उपलब्ध कर दिए गए है । इसके अतिरिक्त अन्य रेलवे स्टेशनों पर भी स्टील डस्टबिन उपलब्ध कराने के संबंध में कार्यवाही जारी है ।

·स्टेशन/ रेलवे ट्रैक पर सफाई व्यवस्था को सुगम बनाने हेतु आगरा कैन्ट, मथुरा जं0, ग्वालियर एवं आगरा फोर्ट स्टेशनों पर वाशेबल एप्रेन बनाए गए है । इसी क्रम में गोविन्दपुरी एवं अलीगढ़ स्टेशनों के प्लेटफार्म सतह में सुधार किया गया है । आगरा फोर्ट, टुण्डला झांसी एव ललितपुर पर नए वाशेबल एप्रेन बनाने हेतु प्रस्ताव अनुमोदित है ।

·उत्तर मध्य रेलवे के सभी प्रमुख स्टेशनों पर यांत्रिक साफ सफाई का ठेका कार्यरत है ।

·. भूमिजलस्तरमेंसुधारकेलिए 20 स्थानोंपरवर्षाजलसंरक्षणप्रणाली(Rain Water Harvesting System) बनाएगए।

·गन्दे जलकापुन: उपयोगकरनेहेतुआगराकैण्टस्टेशनपरWater Recycling Plant कानिर्माणकियागया।

·उत्‍तर मध्‍य रेलवे के कानपुर, झॉंसी एवं ग्‍वालियर डिपों में तीन वाटर रिसाइकिलिंग प्‍लान्‍ट लगाये जा रहे हैं। इन सभी संयंत्रों का निर्माण कार्य आगामी वित्‍त वर्ष 2017-18 में पूरा कर लिया जायेगा।

·उत्‍तर मध्‍य रेलवे मुख्‍यालय भवन की छत पर 100 केडब्‍ल्‍यूपी क्षमता, मण्‍डल रेल प्रबन्‍धक कार्यालय भवन में 2 X 10 केडल्‍यूपी (KWp) का सोलर प्‍लान्‍ट लगाया गया है।

·रेलगॉंव, सुबेदारगंज, रेलवे कॉलोनी में 200 सोलर स्‍ट्रीटलाईट लगा दी गयी हैं जिससे वर्तमान वित्‍त वर्ष के 4 म‍हीनों – नवम्‍बर 16 से फरवरी 17 में रू. 3.70 लाख की ऊर्जा बचत हुई है।

·उत्‍तर मध्‍य रेलवे की 341 लेवल क्रासिंगों-इलाहाबाद मंडल में 37, झांसी मण्‍डल में 232 एवं आगरा मण्‍डल में 72 को भी सौर ऊर्जा के माध्‍यम से ऊर्जित कियागया है। इससे लगभग 49786 यूनिट रू. 3.96 लाख प्रतिवर्ष की बिजली की बचत होती है।

·उत्‍तर मध्‍य रेलवे में कानपुर एवं इलाहाबाद के विभिन्‍न भवनों में कुल 1 एमडल्‍यूपी (MWp)का प्‍लान्‍ट लगाया जा रहा है जिसे जुलाई 2017 तक स्‍थापित करा दिया जायेगा। ग्‍वालियर के सिथौली स्थित रेल स्प्रिंग कारखाना में भी 500 केडल्‍यूपी (KWp) केसंयंत्र का कार्य प्रग‍ति पर है, जिसे शीघ्र ही स्‍थापित कर दिया जायेगा।

·इसके अतिरिक्‍त उत्‍तर मध्‍य रेलवे के भवनों जिसमें मण्‍डल रेल प्रबन्‍धक कार्यालय, विभिन्‍न स्‍टेशन, प्रशिक्षण केन्‍द्र, अस्‍पताल भवनों , कारखानों आदि की छतों पर कुल 10 एमडल्‍यूपी (MWp) क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र की स्‍थापना हेतु रेलवे इनर्जी मैनेजमेन्‍ट कम्‍पनी द्वारा निविदा आमंत्रित कर खोली जा चुकी है।

रेल समपारों पर संरक्षा:

·वर्ष 2016-17 के दौरान 102 मानव रहित लेवल क्रासिंगों को हटाया गया। जिसमें 91 को लिमिटैड हाइट सबवे, 1 को मानवयुक्‍त किया गया एवं 10 को मार्ग परिवर्तन कर बन्‍द किया गया।

·इसी क्रम में 42 मानव युक्‍त लेवल क्रासिंगों को भी समाप्‍त किया गया।

·उत्‍तर मध्‍य रेलवे के 194 मानव रहित लेवल क्रासिंगों पर गेट मित्र लगाये गये हैं।

·लेवल क्रासिंगों पर संरक्षा जागरूकता के लिए मोबाइल वीडियो वैन,नुक्‍कड़ नाटक, प्रिन्‍टेड पब्लिसिटी मैटेरियल एवं मास मीडिया (समाचार पत्र, रेडियो, टी.वी. एवं एस.एम.एस.) के माध्‍यम से प्रचार किया जा रहा है।

आधुनिक तकनीक द्वारा संरक्षा:

रेल प्रशासन निरन्‍तर प्रयासरत है तथा आधुनिकतम तकनीकों के माध्‍यम से एसेट रिलायलबिल्‍टी बढ़ाने एवं मानव पर निर्भरता को कम करने के प्रयास लगातार किये जा रहे हैं।

·आरडीएसओ द्वारा उत्‍तर मध्‍य रेलवे के 40 रूट कि.मी. मार्ग पर रेल फ्रैक्‍चर एवं इन्‍टूजन डिटेक्‍शन प्रणाली का कार्य लगभग रू. 583 करोड़ की लागत से भारतीय रेल में पहली बार स्‍वीकृत किया गया है।

·अल्ट्रासोनिक ब्रोकेन रेल डिटेक्शन प्रणाली का ट्रायल उत्तर मध्य रेलवे के इलाहाबाद मंडल के बमरौली-भरवारी सेक्शन मे प्रारंभ कर दिया गया है।

·उत्‍तर मध्‍य रेलवे के दोनों ट्रंक रूटों पर गाजियाबाद से कानपुर, कानपुर से मुगलसराय, आगरा से ग्‍वालियर खण्‍डों पर ट्रेन प्रोटेक्‍शन वार्निग सिस्‍टम की स्‍थापना का कार्य लगभग 447 करोड़ की लागत से प्रगति पर है। इसके पूर्व हजरत निजामुददीन से आगरा तक के रेल मार्ग पर इसको सफलतापूर्वक स्‍थापित कर लिया गया था।

·चुनार में हाटबाक्‍स डिटेक्‍टर का ट्रायल प्रारम्‍भ।

सुरक्षा प्रयास

वर्ष 2016-17 के दौरान ऑल इंडिया सुरक्षा हेल्‍पलाइन-182 पर कुल 1272 सुरक्षा संबंधी शिकायतें प्राप्‍त हुई। इन सभी शिकायतों को तत्‍परता से अटेन्‍ड एवं समाधान किया गया।

उत्‍तर मध्य रेलवे के 8 प्रमुख स्‍टेशनों पर 299 सीसीटीवी कैमरे कार्यरत हैं।

वर्ष 2016-17 में कुल 576 बच्‍चों को रेल सुरक्षा बल द्वारा बचाया गया है।

वर्ष 2016-17 में कुल 52 टिकट दलालों को पकड़ा गया है।

वर्ष 2016-17 में 7548 अवैध वेण्‍डरों पर कार्यवाही की गयी।

कुल 4803 यात्रियों के विरूद्व रेल परिसर में धूम्रपान करने के कारण कार्यवाही की गयी है।

वर्ष 2016-17 के दौरान कुल 11492 पुरूष यात्रियों को अवैध तरीके से महिला डिब्‍बे में घुसने पर पकड़ा गया है।





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