inner-banner-img

press-release


जसरा-मदरहा रेलवे सिग्नल के साथ छेड़छाड़ का गंभीर मामला: अब सिविल पुलिस को ट्रांसफर हुआ केस; धारा 150 रेलवे एक्ट के तहत कठोरतम कार्रवाई शुरू


20-09-2026
prayagraj
जसरा-मदरहा रेलवे सिग्नल के साथ छेड़छाड़ का गंभीर मामला: अब सिविल पुलिस को ट्रांसफर हुआ केस; धारा 150 रेलवे एक्ट के तहत कठोरतम कार्रवाई शुरू

 

दिनांक 24.08.2026 की रात्रि जसरा-मदरहा (प्रयागराज-मुंबई रेल मार्ग) के मध्य ट्रेन संख्या 15231 (बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस) के संचालन को प्रभावित करने तथा सिग्नल की ग्रीन लाइट को काले पॉलीथीन से ढकने के मामले में रेलवे सुरक्षा बल एवं स्थानीय पुलिस की संयुक्त सतर्कता से बड़ा रेल हादसा टल गया था।
पूर्व में आरपीएफ द्वारा प्राथमिक कार्रवाई करते हुए मुकदमा अपराध संख्या 451/2026 धारा 153, 174 सी, 147 रेलवे एक्ट पंजीकृत कर तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया था:
1.संगीत नाथ (19 वर्ष) निवासी जज्जी पुरवा, थाना बारा, प्रयागराज।
2.राजन (21 वर्ष) निवासी काशीराम कॉलोनी, जिला रायबरेली।
3.माहिल (18 वर्ष) निवासी जज्जी पुरवा, थाना बारा, प्रयागराज।
ये तीनों अभियुक्त वर्तमान में बांदा जेल में निरुद्ध हैं।
अपडेट एवं सिविल पुलिस को केस ट्रांसफर:
मामले की संवेदनशीलता, यात्रियों की सुरक्षा तथा किसी बड़ी साजिश या रेल दुर्घटना के खतरे को ध्यान में रखते हुए अब इस मामले की विवेचना सिविल पुलिस (थाना बारा) को स्थानांतरित कर दी गई है और थाना बारा में मुकदमा धारा 150 रेलवे अधिनियम (Railway Act, 1989) के तहत दर्ज कर लिया गया है।
धारा 150 रेलवे अधिनियम (Railway Act, 1989) की गंभीरता एवं सख्त सजा का प्रावधान:
•अत्यंत गंभीर एवं गैर-जमानती अपराध: धारा 150 रेलवे अधिनियम रेलवे ट्रैक, सिग्नल या ट्रेन में ऐसा कोई कार्य करने पर लागू होती है, जिससे ट्रेन के पलटने, यात्रियों के जीवन को खतरे में डालने या रेल दुर्घटना कारित होने की संभावना होती है।
•कठोरतम दंडात्मक प्रभाव:
oइस धारा के तहत दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास या कम से कम 10 वर्ष तक की कठोर कैद की सजा का स्पष्ट प्रावधान है।
oयदि इस प्रकार की छेड़छाड़ या दुर्भावनापूर्ण कृत्य के परिणामस्वरूप किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो कानून में मृत्युदंड का भी प्रावधान है।
प्रशासन का कड़ा संदेश:
रेलवे प्रशासन से यह स्पष्ट संदेश देना चाहता है कि रेल संपत्ति, सिग्नलिंग सिस्टम या रेल पटरियों से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, चाहे वह चोरी या लूट के इरादे से ही क्यों न की गई हो, देश विरोधी व जन-सुरक्षा के खिलाफ गंभीर अपराध माना जाएगा।
ऐसे असामाजिक एवं आपराधिक तत्वों के खिलाफ भविष्य में भी रेलवे एक्ट की धारा 150 जैसी अत्यंत सख्त एवं गैर-जमानती धाराओं के तहत कठोरतम कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।


(Dr. Amit Malaviya)
Sr. PRO
Source : North Central Railway Last Reviewed : 24-09-2026