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13-05-2020
रनिंग स्टाफ के लिए ऑनलाइन रिफ्रेशर और सरक्षा संबंधी अन्य प्रशिक्षणों को रेलवे बोर्ड की मिली स्वीकृति उत्तर मध्य रेलवे के सभी तीनों मंडल कार्यालय और मुख्यालय ई-ऑफिस से हुए सुसज्जित

उत्‍तर मध्य रेलवे

जनसम्‍पर्क कार्यालय

उत्‍तर मध्‍य रेलवे

प्रयागराज

पत्रांक-11/पीआर/04/2020प्रेस विज्ञप्तिदिनांक- 30.04.2020

रनिंग स्टाफ के लिए ऑनलाइन रिफ्रेशर और सरक्षा संबंधी अन्य प्रशिक्षणों को रेलवे बोर्ड की मिली स्वीकृति

उत्तर मध्य रेलवे के सभी तीनों मंडल कार्यालय और मुख्यालय ई-ऑफिस से हुए सुसज्जित

सिग्नलिंग गियर की विश्वसनीयता में सुधार के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का प्रयोग करेगी उत्तर मध्य रेल

कोविड-19 के कारण लागू लॉकडाउन के प्रारंभ में सभी अनिवार्य और वैकल्पिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अपेक्षित सामाजिक दूरी प्रोटोकॉल के दृष्टिगत स्थगित करना पड़ा था, लेकिन लॉकडाउन के बाद भी लंबे समय तक सामाजिक दूरी के प्रोटोकॉल के पालन की आवश्यकता रहेगी। अत: संरक्षा और कुशल ट्रेन संचालन के लिए नवीनतम ज्ञान से फ्रंटलाइन स्टाफ को लैस करने के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण का उपयोग करके प्रशिक्षण कार्यक्रमों को आयोजित किया जाना आवश्यक होगा। रनिंग स्टाफ के लिए रिफ्रेशर और अन्य संरक्षा संबंधी पाठ्यक्रमों के ऑनलाइन संचालन के इस विचार को अब रेलवे बोर्ड ने औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दिया है। उत्तर मध्य रेलवे ने पहले ही इस दिशा में कार्य प्रारंभ कर दिया है और डीजल और बिजली ट्रैक्शनसे जुड़े लगभग 120 कर्मचारी ऑनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद अब सभी प्रशिक्षुओं का औपचारिक मूल्यांकन किया जा सकेगा और जब तक कि नियमित कक्षा प्रशिक्षण बहाल ना हो जाए आगे के बैचों को भी इसी तरह से प्रशिक्षित किया जाएगा किया जाएगा।

ई-ऑफिस एक डिजिटल वर्कप्लेस सॉल्यूशन है, जो सही अर्थों में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ विभागीय काम के निर्वहन के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण समाधान है। प्रयागराज मंडल में ई-ऑफिस के कार्यान्वयन के साथ अब उत्तर मध्य रेलवे के तीनों मंडलों यानी आगरा, झांसी और प्रयागराज सहित उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में ई-ऑफिस प्रणाली लागू हो गई है।यह प्रणाली कुशल, पारदर्शी और पेपरलेस वर्किंग सुनिश्चित करने के अलावा सामाजिक दूरी के पालन में भी अत्यंत लाभदायक होगी।

रेल परिचालन और अनुरक्षण में आधुनिक प्रौद्योगिकी के प्रयोग में उत्तर मध्य रेलवे सदैव से ही अग्रणी ज़ोन है। इस दिशा में नवीनतम प्रयास के तहत सिग्नलिंग गियर के रखरखाव के लिए इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IOT) और आर्टीफीशियल इंटेलिजेंस (AI) का का उपयोग नया प्रयोग है। अपनी वर्कफोर्स को अपेक्षित ज्ञानयुक्त करने के लिए इंटरनेट ऑफ थिंग्स(IOT) और आर्टीफीशियल इंटेलिजेंस (AI) विषय पर एक वेब आधारित संगोष्ठी और वीडियो कॉन्फ्रेंस पर आयोजन किया गया। आईओटी फ़ील्ड से डेटा का प्राप्त कर सेंट्रललोकेशन या क्लाउड को भेजता है। आर्टीफीशियल इंटेलिजेंस इस डेटा को विश्लेषण करता है और ज़रूरी अलर्ट और रिपोर्ट आगे भेजता है। यह सिग्नलिंग गियर के अवस्था और समस्यायों की सटीक भविष्यवाणी करने में मदद कर सकता है और इसके माध्यम से समय रहते ध्यान देने से सिग्नल विफलताओं से बचा जा सकता है। आगरा मंडल के वृंदावन स्टेशन पर अक्टूबर 2019 से यह परीक्षण प्रणाली कार्य कर रही है और अब तक इसका प्रदर्शन संतोषजनक रहा है। प्रयागराज मंडल में 05 और ऐसी प्रणालियों के लिए काम तथा झांसी मंडल के लिए इसी तरह की व्यवस्था पर कार्य प्रगति पर है। इस विषय के विशेषज्ञों के साथ संबंधित वेबिनार का आयोजन उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य सिग्नल इंजीनियर श्री नीरज यादव ने किया, जिसमें उत्तर मध्य रेलवे के संकेत एवं दूरसंचार विभाग केअधिकारियों और पर्यवेक्षकों सहित 101 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। सदस्य सिग्नल एंड टेलीकॉम रेलवे बोर्ड श्री प्रदीप कुमार एवं उत्तर मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य संकेत एवं दूरसंचार इंजीनियर श्री अरुण कुमार भी इस वेब-आधारित संगोष्ठी में शामिल हुए। श्री प्रदीप कुमार ने कहा कि आईओटी और एआई के उपयोग से सिग्नलिंग विफलताओंमें हम कमी ला सकेंगे और सिस्टम कीविश्वसनीयता में भी सुधार होगा।





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