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NORTH CENTRAL RAILWAY

MECHANICAL DEPARTMENT



मुख्य यांत्रिक इंजीनियर


यांत्रिक विभाग के प्रमुख, मुख्य यांत्रिक इंजीनियरहैं। तीन अन्य विभागाध्‍यक्ष जोअपनी शाखा के प्रमुख होते हैं, उनका सहयोग करते हैं। मुख्य कारखाना इंजीनियरकारखाना एवं योजना अनुभाग के प्रमुख होते हैं।मुख्य रोलिंग स्टाक इंजीनियर, कैरेज एवं वैगन अनुभाग के प्रमुख हैं तथा मुख्य चालन शक्ति इंजीनियर (डीजल), डीजल और परिचालन अनुभाग के प्रमुख हैं।यांत्रिक विभाग के तीनोंविभाग कार्यों में सामंजस्य के साथ प्रगति अपना योगदान देते हुये उत्‍तर मध्‍य रेलवे के नाम "भारतीय रेलके कर्मठ घोड़े"को सार्थक कर रहे हैं।उत्तर मध्य रेलवे के यांत्रिक विभाग के अंतर्गत 79 अधिकारी, 10496 ग्रुपसीतथा 3592 ग्रुपडीकर्मचारी कार्यरतहैं।

मुख्य कारखाना इंजीनियर का क्षेत्राधिकार :





  • रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुसार झांसी कारखाना, रेल स्प्रिंग कारखाना,सिथौली तथा नए एमएलआर कारखाना/झांसी के उत्‍पादन पर निगरानी रखना।
  • सामग्री प्रबंधन तथा सामग्रियों की खरीद हेतु भंडार और लेखा विभाग से समन्‍वय  स्थापित करना।
  • मशीन एवं संयंत्र कार्यक्रम, निर्माण कार्यक्रम, आरएसपी और एसआरएसएफ कार्यक्रमों का प्रेषण।
  • कोचों, वैगनों तथा इंजनों के अनुरक्षण हेतु कारखाना, सवारी एवं मालडिब्‍बा डिपो, लोको शेड, सिक लाइन, पिट लाइन, पैसेंजर और गुड्स यार्डों तथा जल संस्‍थापनाओं में मूलभूत अवसंरचनाओं की योजना तैयार करना तथा उनमें सुधार संबंधी कार्य।
  • यांत्रिक विभाग के प्रशिक्षण अधिकारी के रूप में जमालपुर तथा भारतीय रेल राष्‍ट्रीय अकादमी, बड़ौदा से समन्‍वय स्थापित करना, बेसिक ट्रेनिंग सेंटर तथा वैगन मरम्‍मत कारखाना, झांसी के प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण संबंधी सुविधाओं का जायजा लेना।
  • यांत्रिक विभाग से संबंधित मुख्यालय स्तर की पीएनएम मदें।
  • यांत्रिक विभाग के बजट प्रभारी के रूप में।
  • आडिट पैरा, ड्राफ्ट पैरा तथा आवधिक लेखा परीक्षा निरीक्षणों का निस्‍तारण।
  • वैगनों को कंडमनेशन एवं स्क्रैप का निस्तारण ।
  • मानवशक्ति नियोजन तथा वर्क चार्ज्‍ड पदों से संबंधित कार्य तथा संरक्षा संबंधी रिक्तियों को भरना।
  • मशीन एवं संयंत्र कार्यक्रम, निर्माण कार्यक्रम, ड्राइंग तथा विनिर्देशन और  अनुमोदित वेंडरों से संबंधित मामले में रेलवे बोर्ड, आरडीएसओ, आईसीएफ, आरसीएफ से समन्‍वय स्थापित करना।
  • कारखाना अनुरक्षण ग्रुप की बैठकों पर अनुवर्ती कार्रवाई करना।
  • मशीनों एवं संयंत्रों की मरम्मत तथा उसकी खरीद के लिए सीओएफएमओडब्ल्यू (काफ्मों) के साथ समन्‍वय करना।
  • उत्तर मध्य रेलवे के कारखानों और अन्‍य स्‍थापनाओं के लिए आईएसओ 9000 के प्रमाणन के लिए समन्‍वय करना।

मुख्य रोलिंग स्टाक इंजीनियर का क्षेत्राधिकार :


  • उत्तर मध्य रेलवे के कोचिंग डिपोआरओएच डिपोसिक लाइनपैसेंजर और गुड्स यार्डों में कोचों और वैगनों के अनुरक्षण के प्रभारी।
  • उत्तर मध्य रेलवे के कोचिंग डिपोआरओएच डिपोसिक लाइनपैसेंजर और गुड्स यार्डों में कोचों और वैगनों के अनुरक्षण के प्रभारी।
  • रेलवे के कैरज एवं वैगन संगठन में मानवशक्ति नियोजन और संरक्षा श्रेणी की रिक्तियों को भरना।
  • कोचिंग डिपोआरओएच डिपोसिक लाइनऔर गुड्स यार्डों में उपलब्‍ध अनुरक्षण संबंधी सुविधाओं की समीक्षा और उनमें सुधार करना।
  • कैरेज वाटरिंग कमेटी की सिफारिशों के अनुरूप कैरेज वाटरिंग सुविधाओं की व्‍यवस्‍था तथा उनका उन्नयन करना।
  • कोचों के पीओएच कार्यक्रम हेतु पीओएच कारखानों (भोपाल, माटूंगा, आलमबाग, चारबाग तथा जगाधरी कारखानों) तथा उनके प्रधान कार्यालयों (पश्चिम मध्‍य रेलवेमध्‍य रेलवे तथा उत्‍तर रेलवे) से समन्‍वय करना तथा उनके क्रियान्‍वयन और कोचों एवं वैगनो के पहियों की आपूर्ति पर दैनिक निगरानी रखना।
  • कोचों में यात्री सुविधाओं का रख-रखाव एवं उनका अनुरक्षण।
  • रेलवे बोर्ड के लक्ष्य के अनुसार कोचों और वैगनों के अप्रभावी प्रतिशत पर निगरानी रखना।
  • यार्ड और सिक लाइन के एअर ब्रेक और वैक्यूम ब्रेक उपकरणों के अनुरक्षण पर निगरानी।
  • उपकरणों की खराबी के कारण हुई समय पालन हानि/कोचों के अलग करने इत्‍यादि के संबंध में प्राथमिक एवं द्वितीयक डिपो तथा उनके क्षेत्रीय रेलवे के मुख्यालयों से समन्‍वय।
  • कोचों और वैगनों से संबंधित मामले में आरडीएसओआईसीएफआरसीएफ और रेलवे बोर्ड से समन्यव स्थापित करना।
  • झांसी कारखाना और आरओएच डिपो को समय से आपूर्ति हेतु अन्य क्षेत्रीय रेलवे के साथ समन्वय स्थापित करना।
  • आरडीएसओ और रेलवे बोर्ड द्वारा कारखाना अनुरक्षण ग्रुप में जारी मॉडीफिकेशन के लिए जारी किए गए दिशा-निर्देशों के कार्यान्‍वयन तथा आरओएच के कार्य निष्‍पादन एवं उसकी गुणवत्ता पर निगरानी।
  • रोलिंग स्टाक के संचालन हेतु सीआरएस की स्‍वीकृति प्राप्‍त करने हेतु प्रस्‍ताव का समन्यव।
  • सीएमजी और डब्ल्यूएमजी के दिशा-निर्देशों तथा आरडीएसओ और रेलवे बोर्ड अन्य निर्देशों का अनुपालन कराना।
मुख्यचालन शक्ति इंजीनियर/डीजल का क्षेत्राधिकार :
  • डीजल संगठन के रूप में ओवर आल इनचार्ज तथा डीजल शेड, झांसी, आगरा कैंट तथा एनजी शेड ग्वालियर और डीजल रेल कार मथुरा की गतिविधियों पर पूर्ण निगरानी रखना।
  • डीजल लोको का परिचालन और रख-रखाव, पैसेंजर और गुड्स आउटेज का रख-रखाव तथा लक्ष्य के अनुसार अप्रभावी और कार्यों के लिए ईधन की व्यवस्था कराना।
  • डीजल लोको तथा मेल/एक्सप्रेस की क्रू लिंक और यात्री सेवाओं की प्लानिंग और मॉनीटरिंग करना।
  • संरक्षा कोटि के खाली पदों को भरते हुए मानव शक्ति नियोजन।
  • डेड लोको मूवमेंट, लोको की खराब लिंक और पुराने समय के लोकोमोटिव की मॉनीटरिंग करना।
  • निवारक और विलंबित समय वाले लोको की निर्धारित समय पर मॉनीटरिंग। उपकरणों की विफलता पर नियंत्रण व डीजल लोकोमोटिव के समय पालन में कमी की मॉनीटरिंग करना।
  • नए लोकोमोटिव, सैंड लोकोमोटिव के पुनर्निर्माण की समस्याओं के संबंध में डीएलडब्ल्यू/वाराणसी, डीएमडब्ल्यू/पटियाला से समन्यव स्थापित करना। डीजल लोको स्पेयर के लिए मैटेरियल प्लानिंग और भंडार शाखा डीएलडब्ल्यू, डीएमडब्ल्यू, आरडीएसओ तथा आरआईटीईएस के क्रिटिकल लोको स्पेयर का निरीक्षण, आपूर्ति की व्यवस्था करना।
  • लोकोमोटिव के पीओएच तथा उससे जुड़ी समस्याओं के साथ समन्यव स्थापित करना। डीजल रेल कार के पीओएच हेतु पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर वर्कशाप से समन्यव स्थापित करना।
  • डीजल मोटिव पावर के निष्‍पादन के संबंध में तथा मॉडीफिकेशन से जुड़े सभी मामलों, परीक्षण मदों के लिए डीएलडब्ल्यू, डीसीडब्ल्यू, क्षेत्रीय रेल, रेलवे बोर्ड तथा आरडीएसओ के साथ समन्यव स्थापित करना।
  • डीजल रख-रखाव ग्रुप मीटिंग के निर्णयों से जुड़े सभी मामलों तथा बल्क इंडेंट मीटिंग का अनुसरण करना।
  • एआरटी, एआरएमई तथा आपदा प्रबंधन रिपोर्ट की सिफारिशों का कार्यान्वयन, आरएसआरसी तथा कारपोरेट संरक्षा योजना।
  • 140टी की केन के स्पेयर, 65टी भाप क्रेन के पीओएच के रख-रखाव हेतु जेएमपी/कारखाना तथा पीआर/कारखाना से समन्यव स्थापित करना।
  • स्‍वचालित दुर्घटना राहत गाड़ी (स्पार्ट) के पीओएच के लिए चारबाग वर्कशाप से समन्यव स्थापित करना।
  • डीजल शेड, झांसी से संबंधित प्रशिक्षण स्कूल का उन्नयन करान।
  • सदस्‍य, यांत्रिक को भेजे जाने वाले पीसीडीओ की तैयारी करना।
  • डीजल शेडों में इनफ्रस्ट्रक्चर के सुधार हेतु योजना।   




Source : CMS Team Last Reviewed on: 29-03-2019  


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